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भक्ति, सेवा और उल्लास के साथ मना श्री प्राणनाथ जी का प्राकट्य उत्सव

पन्ना नरेश छत्रसाल द्वितीय ने की प्रथम आरती, बंगला जी दरबार में उमड़ा सुंदरसाथ

महामति श्री प्राणनाथ जी का प्राकट्य उत्सव शुक्रवार को पन्ना में श्रद्धा, भक्ति और धूमधाम के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। धामी समाज के युवक-युवतियों ने बाइक रैली निकालकर उत्सव का आगाज किया। इसके बाद जिला अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए। वहीं, दोपहर में श्री प्राणनाथ जी मंदिर के बंगला जी दरबार साहब में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सुंदरसाथ शामिल हुआ।

महाराजा छत्रसाल के वंशज एवं पन्ना नरेश छत्रसाल द्वितीय ने श्रीजी की प्रथम आरती कर धर्मलाभ अर्जित किया। प्राकट्य उत्सव के अवसर पर सुबह धामी समाज के युवक-युवतियों ने बाइक रैली निकालकर पूरे पन्ना शहर में धार्मिक उत्साह का संदेश दिया। रैली के माध्यम से श्री प्राणनाथ जी के प्राकट्य उत्सव की शुरुआत की गई। इसके बाद सुबह 10 बजे श्री प्राणनाथ ट्रस्ट की ओर से जिला अस्पताल में फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ट्रस्ट पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता और डॉ. मीना नामदेव सहित श्री प्राणनाथ ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डीके दुबे, सचिव प्रेम किशोर शर्मा, न्यासी चिदानंद शर्मा, नरेंद्र धामी, प्रबंधक आशीष शर्मा, पुजारी बांके शर्मा, पुजारी ब्रज प्रकाश शर्मा, पूर्व ट्रस्टी राकेश कुमार शर्मा, दिनेश शर्मा, गोपाल शर्मा, तिलक राज शर्मा, भाजपा नेता अल्पेश शर्मा, अनूप शर्मा और मोहित शर्मा सहित धामी समाज के लोग उपस्थित रहे। दोपहर 12 से 3 बजे तक बंगला जी दरबार साहब में धार्मिक आयोजन चला। ढोल-मंजीरों की संगत में धामी समाज के युवाओं ने वाणी गायन किया। विद्वानों, पुजारियों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में जैसे ही योगमाया का गायन हुआ और पर्दा खुला, सुंदरसाथ ने श्रीजी के दर्शन किए तथा श्रीफल अर्पित किए। इसके बाद पन्ना नरेश छत्रसाल द्वितीय ने प्रथम आरती की। श्रीजी को भोग लगाया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं पंचामृत वितरित किया गया। महिलाओं ने ढोलक-मंजीरों के साथ बधाई गीत गाए और गरबा नृत्य कर उत्सव की खुशियां मनाईं। धार्मिक आस्था के साथ सेवा और समर्पण का संदेश देता यह आयोजन पूरे शहर में उत्साह का केंद्र बना रहा।

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