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देवेंद्रनगर में दुकानदार पर हमले का आरोपी अमित जैन गिरफ्तार, निकाला जुलूस

भाजपा नेत्री के पति का निकाला पैदल जुलूस, न्यायालय ने दी जमानत

एक माह से था फरार, देवेन्द्रनगर पुलिस ने रायसेन से पकड़ा
गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेत्री ने अपनी ही पार्टी के विधायक पर लगाए संगीन आरोप

पन्ना। देवेंद्रनगर में दुकान में घुसकर दो भाइयों पर हमला करने के मामले में एक माह से फरार चल रहे अमित जैन को पन्ना पुलिस ने रायसेन जिले के बाड़ीनगर टोल नाके से गिरफ्तार किया है। अमित जैन भाजपा नेत्री अमिता बागरी के पति हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ 14 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया और रविवार को उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार अमित जैन की गिरफ्तारी शनिवार रात की गई। रविवार को न्यायालय में पेश करने से पहले पुलिस उसे जिला अस्पताल पैदल लेकर पहुंची। इस दौरान वह हाफ पैंट में था और पुलिसकर्मी उसका कॉलर पकड़े हुए चल रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई को आरोपी को कानून की गंभीरता का एहसास कराने की कार्रवाई के तौर पर देखा गया। वहीं अमीता बागरी ने इसे विधायक गुनौर राजेष वर्मा के इषारे पर की गई कार्यवाही बताया। मामला देवेंद्रनगर के सरकारी अस्पताल के सामने स्थित एक जनरल स्टोर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार जमीन संबंधी विवाद को लेकर दुकान में घुसकर मारपीट की घटना हुई थी। पीड़ित दुकानदार सौरभ जैन की शिकायत पर पुलिस ने अमित जैन के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना का वीडियो भी सामने आया था। बाद में मामले में अमित जैन फरार चल रहा था। अमित जैन की पत्नी भाजपा नेत्री अमिता बागरी ने देर रात वीडियो जारी कर पन्ना पुलिस, प्रशासन और गुनौर विधायक डॉ. राजेश कुमार वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि अमित जैन को रायसेन के टोल नाके से जबरन पकड़ा गया तथा पुलिस ने न्यायालय के आदेशों और कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी की। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के करीब एक माह बाद मामले को बढ़ाकर गंभीर धाराएं लगाई गईं। अमिता बागरी ने विधायक डॉ. राजेश कुमार वर्मा पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि मूल विवाद पारिवारिक और संपत्ति से संबंधित था। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय सांसद से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। अमिता बागरी ने अपने वीडियो में अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का भी उल्लेख किया और कहा कि इसके बावजूद उनके परिवार को मानसिक एवं कानूनी रूप से परेशान किया जा रहा है।
थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
देवेंद्रनगर थाना प्रभारी संतोष सिंह यादव ने अमिता बागरी के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अमित जैन के खिलाफ कार्रवाई उच्च न्यायालय के निर्देशों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और कोई नई धारा नहीं लगाई गई। विदित हो कि न्यायालय ने अमित जैन को जमानत पर छोड़ दिया। पुलिस और आरोपी पक्ष के आरोपों के बीच अब मामले की आगे की जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया में यह स्पष्ट होगा कि घटना की परिस्थितियां और आरोप किस प्रकार प्रमाणित होते हैं। गौरतलब है कि अमीता बागरी भाजपा की कद्दावर नेत्री रहीं हैं, पिछले विधानसभा चुनाव में गुनौर विधानसभा से टिकट वितरण पर नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ी थी और समाजवादी पार्टी की टिकट पर राजेष वर्मा के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालाकि इस चुनाव में वे बुरी तरह हार गई और लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पुनः भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। यही कारण है कि अब इस घटना पर वे विधायक पर निषाना साध रहीं हैं।

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