19 दिन से जारी चिता आंदोलन में बड़ा मोड़, सैकड़ों प्रभावितों के साथ अमित भटनागर ने दी गिरफ्तारी
पुलिस कार्रवाई के विरोध में आंदोलनकारियों का प्रदर्शन, बोले—दमन से नहीं रुकेगा आंदोलन, जेल में भी जारी रहेगा आमरण अनशन

पन्ना, 30 सितंबर। जिले में हक-अधिकार, उचित मुआवजा, पुनर्वास और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर पिछले 19 दिनों से चल रहे चिता आंदोलन में बुधवार को उस समय बड़ा मोड़ आ गया, जब आंदोलन के प्रमुख नेता अमित भटनागर ने सैकड़ों प्रभावितों और आंदोलनकारियों के साथ गिरफ्तारी दे दी। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों पर दमनात्मक कार्रवाई किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
अमित भटनागर ने कहा कि आंदोलनकारियों की मांगों का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन दिनों से आंदोलन स्थल पर पुलिस द्वारा महिलाओं सहित सत्याग्रहियों के साथ लाठीचार्ज, अभद्रता और अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है। उनके अनुसार, 29 सितंबर की रात भी पुलिस कार्रवाई जारी रही, जिसके बाद आंदोलनकारियों में आक्रोश बढ़ गया।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
अमित भटनागर ने पन्ना प्रशासन पर आंदोलन को दबाने के लिए कथित रूप से बल प्रयोग किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस बल के साथ बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी मौजूद थे, जो वर्दी और नेमप्लेट के बिना लाठी-डंडे लिए हुए थे। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का भी दावा किया गया है। आंदोलनकारियों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपने हक-अधिकार, उचित मुआवजे, पुनर्वास और पर्यावरण की रक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मांगों पर समाधान निकालने के बजाय आंदोलन को पुलिस कार्रवाई के जरिए समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
“गिरफ्तारी से नहीं रुकेगा आंदोलन”
गिरफ्तारी से पहले अमित भटनागर ने कहा कि वह अपने साथियों के साथ स्वेच्छा से गिरफ्तारी दे रहे हैं और यह गिरफ्तारी आंदोलन को समाप्त करने के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलनकारियों को जेल भेजा जाता है तो वहां भी आमरण अनशन जारी रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि “दमन से आंदोलन नहीं रुकेगा। आंदोलन जेल में भी जारी रहेगा।” भटनागर ने आरोप लगाया कि महिलाओं और अन्य सत्याग्रहियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया है, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में गंभीर चिंता का विषय है।
देशव्यापी आंदोलन की अपील
अमित भटनागर ने कहा कि यह केवल पन्ना के प्रभावित लोगों का मामला नहीं है, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने के लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के साथ कथित कार्रवाई के विरोध में देशभर में आवाज उठाई जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आंदोलनकारियों की समस्याओं पर तत्काल बातचीत की जाए, उचित मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े मामलों का निराकरण किया जाए तथा पर्यावरण से संबंधित उनकी चिंताओं पर भी गंभीरता से विचार किया जाए।
19वें दिन पहुंचा आंदोलन
चिता आंदोलन 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लंबे समय से जारी आंदोलन के बीच गिरफ्तारी की घोषणा के बाद प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
आंदोलन की ओर से कहा गया है कि गिरफ्तारी के बावजूद सत्याग्रह समाप्त नहीं किया जाएगा। वहीं, आंदोलनकारियों ने पिछले दिनों हुई पुलिस कार्रवाई और कथित अभद्र व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।



