जेके सीमेंट में अवैध खनन के आरोपों पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
अंकित पाठक की याचिका पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

26 अक्टूबर को अगली सुनवाई, शिकायतों पर की गई कार्रवाई का विवरण पेश करने के निर्देश
पन्ना। जिले में जेके सीमेंट फैक्ट्री से जुड़े कथित अवैध खनन के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। पन्ना निवासी अंकित पाठक द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने राज्य सरकार से संबंधित शिकायतों पर अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण मांगा है। मामले में हाईकोर्ट के इस रुख के बाद अब सबकी निगाहें 26 अक्टूबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिक गई हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत मामले में न्यायालय ने राज्य शासन को याचिका के साथ संलग्न अनुलग्नक P-1 और P-8 में दर्ज अभ्यावेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी अगली सुनवाई तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के इस आदेश को शिकायतों पर प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
13 अक्टूबर को हुई सुनवाई, 26 अक्टूबर अगली तारीख
प्राप्त विवरण के अनुसार, यह मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में डब्ल्यूपी क्रमांक 31083/2026 के रूप में दर्ज है। प्रकरण का शीर्षक अंकित पाठक विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य है। 13 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने संबंधित शिकायतों पर की गई कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 26 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। राज्य सरकार को इस अवधि में संबंधित अभ्यावेदनों पर हुई कार्रवाई का पूरा विवरण न्यायालय के समक्ष रखना होगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि याचिका में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं।
अनुलग्नक P-1 और P-8 पर कार्रवाई की रिपोर्ट तलब
इस प्रकरण में न्यायालय के निर्देश का प्रमुख पहलू याचिका के साथ संलग्न अनुलग्नक P-1 और P-8 में दर्ज शिकायतों पर की गई कार्रवाई का विवरण है। इन अभ्यावेदनों के संबंध में राज्य शासन को अपनी कार्रवाई की स्थिति न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करनी है। अब 26 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में सरकार की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण पर विशेष नजर रहेगी। हालांकि, शिकायतों पर कार्रवाई की वास्तविक स्थिति और कथित अनियमितताओं से संबंधित तथ्यों का अंतिम आकलन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत रिकॉर्ड तथा आगे की न्यायिक कार्यवाही के आधार पर ही किया जा सकेगा। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रक्रिया शुल्क जमा होने के बाद प्रतिवादी क्रमांक 11 को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं, राज्य शासन की ओर से उपस्थित उपमहाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी ने प्रतिवादी क्रमांक 1 से 10 की ओर से नोटिस स्वीकार किया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हर्ष जैन और अधिवक्ता मोहित नायक ने पैरवी की। मामले में विभिन्न पक्षों की भूमिका और उनके जवाब आगे की सुनवाई में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
जेके सीमेंट फैक्ट्री से जुड़े मामले पर बढ़ी निगाहें
जेके सीमेंट फैक्ट्री से जुड़े कथित अवैध खनन के इस प्रकरण ने पन्ना जिले में खनन गतिविधियों, संबंधित शिकायतों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हाईकोर्ट द्वारा कार्रवाई का विवरण मांगे जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य शासन न्यायालय के समक्ष क्या जानकारी प्रस्तुत करता है।
खनन से जुड़े मामलों में पर्यावरणीय प्रभाव, नियमों के अनुपालन और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे विषय भी महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में इस प्रकरण की आगामी सुनवाई स्थानीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, अभी न्यायालय के समक्ष मामला विचाराधीन है। इसलिए कथित अवैध खनन से संबंधित आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। मामले की वास्तविक स्थिति न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों, संबंधित पक्षों के जवाब और आगे आने वाले आदेशों से स्पष्ट होगी।
26 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस मामले में 26 अक्टूबर 2026 की सुनवाई अहम मानी जा रही है। इस दिन राज्य सरकार द्वारा शिकायतों पर की गई कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किए जाने की अपेक्षा है। इसके बाद न्यायालय मामले में आगे की कार्यवाही को लेकर निर्देश दे सकता है। फिलहाल, हाईकोर्ट द्वारा राज्य शासन से जवाब और कार्रवाई का विवरण मांगे जाने के बाद प्रकरण ने नया महत्व हासिल किया है। अब यह देखना होगा कि अगली सुनवाई में सरकार का पक्ष क्या रहता है और न्यायालय इस मामले में आगे क्या रुख अपनाता है। अंकित पाठक का कहना है कि लगातार शिकायतों के बाद भी जब कोई कार्यवाही नहीं हुई, तो उन्होंने न्यायालय में याचिका लगाई है, उन्होंने उम्मीद जताई की उन्हें न्यायालय से न्याय जरूर मिलेगा और क्षेत्र में जेके सीमेंट प्रबंधन की मनमानी पर लगाम लगेगी।



