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वन भूमि से कब्जा हटाने पहुंची टीम और ग्रामीणों में खूनी झड़प

अजयगढ़ के पेराहा में पौधरोपण के दौरान चले लाठी-डंडे

ग्रामीणों और वनकर्मियों को आईं चोटें, गंभीर घायल जिला अस्पताल रेफर

अजयगढ़। अजयगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पेराहा में रविवार को वन भूमि से कथित अवैध कब्जा हटाने और पौधरोपण करने पहुंची वन विभाग की टीम तथा ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें महिलाओं सहित कई ग्रामीण और वनकर्मी घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अजयगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल पन्ना रेफर किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम पेराहा स्थित वन कक्ष क्रमांक पी-213 की लगभग 30 हेक्टेयर भूमि पर पटेल समाज के कुछ परिवार लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं। वन विभाग इस भूमि को अतिक्रमण वाली वन भूमि बता रहा है।

पूर्व में भी कब्जा हटाने के प्रयास किए गए थे, लेकिन विवाद के चलते कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी। रविवार सुबह करीब 10 बजे वन विभाग की टीम पन्ना एवं छतरपुर के अधिकारियों -कर्मचारियों, पुलिस बल और लगभग 60 से 70 मजदूरों के साथ उक्त भूमि पर पौधरोपण करने पहुंची। इसका ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। अस्पताल में भर्ती विनोद पटेल ने आरोप लगाया कि वन विभाग और पुलिस ने बिना पूर्व सूचना या नोटिस दिए सुबह जबरन कार्रवाई शुरू कर दी। विरोध करने पर महिलाओं सहित ग्रामीणों के साथ लाठी-डंडों और लात-घूंसों से मारपीट की गई। घायल ग्रामीणों में सोना पटेल 22 वर्ष, विनोद पटेल 32 वर्ष, दिनेश पटेल 30 वर्ष, राधा पटेल 20 वर्ष और रजनीश पटेल 22 वर्ष शामिल हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इस घटना में उनके पक्ष के करीब 20 से 25 लोग घायल हुए हैं। हालांकि घायलों की कुल संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना शेष है।

दूसरी ओर, झड़प में वन विभाग के कर्मचारी भी घायल हुए हैं। इनमें देवेंद्रनगर के वनरक्षक बसंत लाला वर्मा, दक्षिण वनमंडल की पवई रेंज की वनपाल भारती कुमारी, अर्पित चैरसिया और मुरली अहिरवार सहित अन्य कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं। घटना के दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग द्वारा लाए गए मजदूरों में लगभग एक दर्जन नाबालिग लड़के-लड़कियां शामिल होने का आरोप भी लगाया। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि विभाग नाबालिग बच्चों से मजदूरी क्यों करा रहा है। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
झड़प के बाद पहुंचे तहसीलदार, फिर भी जारी रहा पौधरोपण
विवाद की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार सुरेंद्र कुमार कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के रूप में राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंचे और उपस्थित लोगों को समझाइश दी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए अजयगढ़ थाना प्रभारी हरि सिंह, धरमपुर थाना प्रभारी अनिल सिंह राजपूत, विभिन्न पुलिस चैकियों के प्रभारी तथा पुलिस बल भी तैनात रहा। विशेष बात यह रही कि हिंसक झड़प और दोनों पक्षों के घायल होने के बावजूद वन विभाग ने संबंधित भूमि पर पौधरोपण का कार्य बंद नहीं किया। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में दिनभर पौधरोपण जारी रहा। फिलहाल घायलों का उपचार चल रहा है। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के बयान लेकर रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। वन भूमि पर कब्जे, कार्रवाई से पूर्व नोटिस दिए जाने और नाबालिगों से मजदूरी कराने संबंधी आरोपों पर विभागीय पक्ष की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

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