आंदोलनकारी अमित भटनागर का आमरण अनशन 16वें दिन जारी
स्वास्थ्य में गिरावट का दावा, मुआवजा और पुनर्वास की मांगों का समाधान नहीं होने से आंदोलनकारियों में नाराजगी

पन्ना। केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय बांध, रूँझ बांध और ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना से प्रभावित किसानों, आदिवासियों एवं विस्थापित परिवारों के न्यायपूर्ण पुनर्वास की मांग को लेकर वनहरी कला टपरियन में चल रहा चिता आंदोलन सोमवार को 31वें दिन भी जारी रहा। जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर का आमरण अनशन भी 16वें दिन में प्रवेश कर गया है। संगठन के अनुसार, लगातार अनशन के कारण अमित भटनागर के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है, जिससे समर्थकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में ताजा चिकित्सकीय रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। जय किसान संगठन का कहना है कि परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों की जमीन, मकान और आजीविका से जुड़े मुद्दों का अब तक संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है। संगठन ने मांग की है कि प्रभावित ग्रामीणों को कानून के अनुरूप उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। पुनर्वास की समुचित व्यवस्था किए बिना किसी परिवार को विस्थापन के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। आंदोलन के दौरान गिरफ्तार दिव्या अहिरवार, हिसाबी राजपूत, इंद्रपाल आदिवासी और कमलेश प्रजापति की रिहाई की मांग भी संगठन लगातार उठा रहा है। चारों की वर्तमान न्यायिक स्थिति को लेकर ताजा आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। संगठन का आरोप है कि 31 दिन बीतने के बावजूद प्रमुख मांगों का समाधान नहीं होने से प्रभावित ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। जय किसान संगठन ने स्पष्ट किया कि मुआवजे, पुनर्वास और वैधानिक अधिकारों के सवालों का न्यायपूर्ण समाधान होने तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।




