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Chhattisgarh News: नशा मुक्त भारत अभियान के तहत बनेगी व्यापक कार्ययोजना, मुख्य सचिव विकासशील ने दिए निर्देश

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने और नशे की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार व्यापक कार्ययोजना तैयार करेगी। इसके लिए राज्य और जिला स्तर पर नशा नियंत्रण की रणनीति बनाई जाएगी। सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय एनकोर्ड समिति की बैठक हुई। इसमें नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने, विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने और नशा मुक्ति अभियानों की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने और नशे पर नियंत्रण के लिए ठोस रोडमैप बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर एनकोर्ड की बैठकें नियमित रूप से होनी चाहिए और उनमें लिए गए फैसलों के नतीजों की समीक्षा भी की जानी चाहिए।

नशे की तस्करी रोकने के लिए सीमाओं पर बढ़ेगी निगरानी

बैठक में राज्य की सीमाओं पर नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने पुलिस और आबकारी विभाग को सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया, ताकि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों को राज्य और जिला स्तर पर नशा नियंत्रण के लिए विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

स्कूल-कॉलेजों में चलेंगे जागरूकता अभियान

नशे के दुष्प्रभावों से युवाओं और विद्यार्थियों को बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय अपनी कार्ययोजना के तहत विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के नुकसान के बारे में जानकारी दें।

अधिकारियों ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) स्कूलों और कॉलेजों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसके साथ ही नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों में शामिल लोगों की धर-पकड़ के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।

मानस पोर्टल की शिकायतों की समीक्षा

बैठक में मानस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने शिकायतों पर हुई कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी साझा की।

इसके अलावा 16 अगस्त 2026 से 25 सितंबर 2026 के बीच चलाए गए पाक्षिक विशेष अभियानों की प्रगति का भी जायजा लिया गया। इन अभियानों के तहत नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में की गई कार्रवाई और रोकथाम के प्रयासों की समीक्षा की गई।

गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से एनकोर्ड समिति से जुड़े कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह और महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार शामिल हुईं।

इसके अलावा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

उच्च शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पुलिस मुख्यालय, वन, समाज कल्याण, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), डाक विभाग और एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। सभी संभागायुक्तों के साथ विभिन्न जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित रहे।

नशा नियंत्रण के लिए विभागों के बीच समन्वय पर जोर

बैठक में नशे की रोकथाम के लिए कार्रवाई और जागरूकता, दोनों को महत्वपूर्ण माना गया। राज्य और जिला स्तर पर नियमित समीक्षा, सीमाओं पर निगरानी, शिक्षण संस्थानों में जागरूकता और शिकायतों पर कार्रवाई के माध्यम से नशे से जुड़ी समस्याओं पर नियंत्रण के प्रयास किए जाएंगे।

मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार, नशा मुक्त भारत अभियान के तहत तैयार होने वाली कार्ययोजना में विभिन्न विभागों की भूमिका और उनके बीच समन्वय को महत्व दिया जाएगा।

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