चिता आंदोलन अनवरत जारी, जेल में बंद दिव्या अहिरवार की मां का छलका दर्द
विधायक-सांसद की चुप्पी पर उठाए सवाल

पन्ना। केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय बांध, रूँझ बांध और ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना से प्रभावित किसानों, आदिवासियों एवं विस्थापित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर वनहरी कला टपरियन में चल रहा चिता आंदोलन मंगलवार को 32वें दिन भी जारी रहा। जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर का आमरण अनशन भी 17वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच जेल में बंद आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार की मां ने वीडियो जारी कर अपनी बेटी के साथ कथित व्यवहार और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता अपने अधिकारों की रक्षा के लिए विधायक-सांसद चुनती है, लेकिन प्रभावित परिवार एक महीने से अधिक समय से आंदोलन कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। दिव्या की मां ने आरोप लगाया कि गरीबों और आदिवासियों के अधिकारों की आवाज उठाने वाली उनकी बेटी के विरुद्ध पन्ना और छतरपुर जिलों में हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि बेटी से मिलने के लिए उन्हें पन्ना जेल में तीन दिन भटकना पड़ा। साथ ही पुलिस पर दिव्या से कथित मारपीट और चोटें आने के बावजूद चिकित्सकीय परीक्षण नहीं कराने का आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जय किसान संगठन ने दिव्या अहिरवार, हिसाबी राजपूत, इंद्रपाल आदिवासी और कमलेश प्रजापति की रिहाई की मांग दोहराई है। संगठन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को विस्थापन से पहले नियमानुसार पूरा मुआवजा, वैधानिक अधिकार और सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। संगठन ने लंबित समस्याओं की समीक्षा कर समाधान निकालने की मांग करते हुए न्याय मिलने तक शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखने की बात कही है।




