अवैध शराब और गांजे के खिलाफ सड़क पर उतरे खमतरा के ग्रामीण
प्रशासन को पांच दिन का अल्टीमेटम

जनपद अध्यक्ष और सरपंच के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुषों ने तहसील से थाने तक निकाला मार्च
पन्ना। जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम खमतरा में अवैध शराब और गांजे की कथित बिक्री पर रोक लगाने तथा गांव को नशामुक्त बनाने की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। जनपद पंचायत शाहनगर के अध्यक्ष आशीष खरे और खमतरा सरपंच कमला बाई ध्रुव सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय से पुलिस थाने तक मार्च निकाला। ग्रामीणों ने प्रशासन को पांच दिन के भीतर प्रभावी कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। प्रदर्शन की शुरुआत शाहनगर के स्थानीय विश्राम गृह से हुई, जहां एकत्रित ग्रामीण नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां नायब तहसीलदार के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) के नाम ज्ञापन सौंपकर खमतरा में अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई। तहसील कार्यालय के बाद ग्रामीणों ने शाहनगर थाने तक मार्च निकाला। यहां एएसआई रामकृष्ण पांडेय को थाना प्रभारी के नाम शिकायती आवेदन सौंपा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में अवैध शराब और गांजे की बिक्री से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने ऐसी गतिविधियों की जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन सौंपने के बाद जनपद पंचायत के सभाभवन में बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। जनपद अध्यक्ष आशीष खरे ने कहा कि ग्रामीण अपने गांव को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से एकजुट हुए हैं। प्रशासन को कार्रवाई के लिए पांच दिवस का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्रभर के ग्रामीणों को साथ लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य गांव में नशे से जुड़ी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना और युवाओं सहित सभी ग्रामीणों को इसके दुष्प्रभावों से बचाना है। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।




