11-12 अक्टूबर को पन्ना में निकलेगी सनातन हिन्दू एकता रथयात्रा
पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री करेंगे यात्रा का नेतृत्व, कलेक्टर ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारियां

पन्ना। श्री बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिन्दू एकता रथयात्रा 11 एवं 12 अक्टूबर को पन्ना जिले से होकर गुजरेगी। यात्रा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा में 200 से अधिक वाहनों के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा प्रतिदिन यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से संतों, गणमान्य नागरिकों और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। कलेक्टर ऊषा परमार ने यात्रा के सुचारू एवं सुरक्षित संचालन के लिए अधिकारियों को अलग-अलग दायित्व सौंपे हैं। यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, बिजली, सड़क व्यवस्था, रात्रि विश्राम स्थल तथा दिन के समय अल्प विश्राम के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम दिवस रविवार को पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री अजयगढ़ से होते हुए ग्राम दहलान चैकी रानीपुर बायपास से यात्रा में प्रवेश करेंगे। यहां से रथयात्रा कृष्णा कल्याणपुर, पटी बजरिया होते हुए जनकपुर पहुंचेगी। इसके बाद यात्रा पुरूषोत्तमपुर पहुंचेगी, जहां रघुलीला पैलेस-मधुवन गार्डन में दिव्य दरबार, आशीर्वचन, हनुमान चालीसा, हवन और भंडारे का आयोजन होगा। रात्रि विश्राम भी पुरूषोत्तमपुर स्थित रघुलीला पैलेस में होगा। दूसरे दिन सोमवार को यात्रा सुबह गल्ला मंडी से रवाना होकर अजयगढ़ चैराहा, पुरानी कलेक्ट्रेट और गांधी चैक होते हुए मोहन निवास चैराहा पहुंचेगी। यहां से रथयात्रा अमानगंज के लिए रवाना होगी। यात्रा के पन्ना जिले के विभिन्न अनुभागों से गुजरने के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए एसडीएम अजयगढ़ आलोक मार्को, एसडीएम पन्ना संजय कुमार नागवंशी, एसडीएम गुनौर नरेंद्र सिंह धुर्वे और एसडीएम पवई समीक्षा जैन को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, लोक निर्माण विभाग एवं विद्युत मंडल के कार्यपालन यंत्रियों सहित अजयगढ़, पन्ना, अमानगंज, पवई और सिमरिया के तहसीलदार, संबंधित नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा यातायात थाना प्रभारी को भी आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन का फोकस बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और वाहनों की मौजूदगी के बीच यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने पर रहेगा।




