गुनौर में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों में आक्रोश
24 घंटे में नई प्रतिमा लगाने का आश्वासन के बाद शांत हुआ प्रर्दशन

पन्ना। जिले के गुनौर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सहिलवारा में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही भीम आर्मी के जिला प्रमुख सुनील टाइगर और जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जाटव अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और घटना पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
लोगों का कहना था कि सार्वजनिक स्थल पर स्थापित महापुरुष की प्रतिमा की सुरक्षा के लिए प्रशासन को प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। घटना की सूचना मिलने के बाद गुनौर थाना प्रभारी बलवीर सिंह और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और मौजूद लोगों से चर्चा कर उन्हें आश्वस्त किया कि 24 घंटे के भीतर डॉ. अंबेडकर की नई प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी। अधिकारियों ने प्रतिमा स्थल की जमीन की नाप कराने तथा इसके बाद बाउंड्रीवॉल बनाए जाने का भी भरोसा दिलाया। साथ ही घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही। युवा नेता जितेंद्र सिंह जाटव ने प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की सराहना की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि प्रतिमा स्थल की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल और निगरानी की व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने प्रतिमा स्थल की बाउंड्री के निर्माण में सहयोग के लिए पांच बोरी सीमेंट देने तथा वहां सीसीटीवी कैमरे लगवाने में मदद करने की घोषणा भी की। भीम आर्मी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से प्रतिमा स्थल की जमीन की नाप जल्द कराने, बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराने और नई प्रतिमा स्थापित करने की कार्रवाई समय-सीमा में पूरी करने की मांग की। साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई। प्रशासन के आश्वासन के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने फिलहाल मामला शांत किया। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन द्वारा दिए गए 24 घंटे के आश्वासन के तहत नई प्रतिमा स्थापित करने और प्रतिमा स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर होने वाली कार्रवाई पर है।




