MP News: ग्वालियर में अमित शाह और सीएम मोहन यादव करेंगे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमिपूजन, तैयारियां तेज

MP News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। साडा क्षेत्र में बनने वाले इस महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र का भूमिपूजन 12 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। समारोह को लेकर मेला ग्राउंड में बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
मेला ग्राउंड में बनेगा बड़ा जर्मन हैंगर
भूमिपूजन समारोह के लिए ग्वालियर के मेला ग्राउंड में करीब 18 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल का जर्मन हैंगर तैयार किया जाएगा। इसकी लंबाई करीब 300 मीटर और चौड़ाई 60 मीटर रखने की योजना है। इसमें मंच, एलईडी स्क्रीन, दर्शकों के बैठने की व्यवस्था, रोशनी, आपातकालीन निकास और अग्निशमन जैसी सुविधाएं रहेंगी।
मुख्य सभागार में करीब 425 विशिष्ट अतिथियों और 2,575 सामान्य अतिथियों के बैठने की व्यवस्था प्रस्तावित है। अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए अलग वन-टू-वन रूम भी बनाया जाएगा। कार्यक्रम के दोनों ओर अतिरिक्त हैंगर की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
5,500 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी
ग्वालियर का TMZ केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं होगा, बल्कि इसे टेलीकॉम उपकरण और उससे जुड़े कंपोनेंट बनाने वाली कई कंपनियों के लिए एक पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने की योजना है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित परियोजना में करीब 5,500 करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है।
पहले चरण के लिए साडा क्षेत्र और आईटी पार्क में करीब 170 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। करीब 24 कंपनियां TMZ में अपनी इकाइयां लगाने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर चुकी हैं। परियोजना से 18 हजार से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
TMZ को ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनाने की योजना है। इसमें टेलीकॉम उपकरणों के साथ विभिन्न प्रकार के कंपोनेंट का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्वालियर को एक आधुनिक औद्योगिक और तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करना है।
जुलाई 2026 में केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश सरकार के बीच TMZ स्थापित करने के लिए समझौता हुआ था। परियोजना के लिए करीब 350 एकड़ का प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना है। केंद्र सरकार ने पहले चरण के बुनियादी ढांचे के लिए करीब 493 करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान भी किया है।
दिल्ली और मुंबई के बाद निवेशकों की बढ़ी रुचि
TMZ को लेकर दिल्ली और मुंबई में निवेशक रोड शो भी किए गए थे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली रोड शो में करीब 3,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए, जबकि मुंबई रोड शो में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इसके बाद कंपनियों को जमीन आवंटन के लिए आवेदन प्रक्रिया में शामिल किया गया और 24 कंपनियों ने आवेदन शुरू किया।
ग्वालियर में रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा
TMZ के जरिए ग्वालियर में टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। शहर में पहले से इंजीनियरिंग शिक्षा का मजबूत आधार है और हर साल करीब 25 हजार इंजीनियरिंग विद्यार्थी तैयार होते हैं। इससे परियोजना के लिए तकनीकी और कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता में मदद मिल सकती है।
12 अक्टूबर के प्रस्तावित भूमिपूजन के बाद TMZ परियोजना के विकास को और गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ग्वालियर में नए उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



