सर्पदंश के बाद रातभर चलती रही झाड़-फूंक, वनपाल ने पहुंचाया अस्पताल
शाहनगर के सलैया फेरन सिंह गांव का मामला, परिजनों को समझाकर पीड़ित का शुरू कराया उपचार

शाहनगर। सर्पदंश के बाद अंधविश्वास के चलते उपचार में देरी का मामला सामने आया है। थाना क्षेत्र के सलैया फेरन सिंह गांव में 55 वर्षीय मुड़ी आदिवासी को शनिवार शाम सांप ने काट लिया। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में ही रातभर झाड़-फूंक कराते रहे। रविवार को वन विभाग के एक कर्मचारी की सक्रियता से पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू हुआ।
जानकारी के अनुसार, मुड़ी आदिवासी शनिवार शाम गांव के समीप प्लांटेशन क्षेत्र में गए थे। इसी दौरान उन्हें सांप ने काट लिया। घटना के बाद परिजन चिकित्सकीय सहायता लेने के बजाय झाड़-फूंक के भरोसे रहे, जिससे पूरी रात निकल गई।
रविवार, 11 अक्टूबर को भूरी बीट के वनपाल प्रेम नारायण वर्मा को घटना की जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल पीड़ित के घर पहुंचकर परिजनों को समझाया और मुड़ी आदिवासी को शाहनगर के शासकीय अस्पताल पहुंचाया। वनपाल के अनुसार, अस्पताल में उपचार मिलने के बाद पीड़ित की हालत ठीक है।
प्रेम नारायण वर्मा ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक और घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें। सर्पदंश जानलेवा हो सकता है, इसलिए पीड़ित को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि समय पर उचित उपचार मिल सके।



