भाजपा सरकार में आदिवासी फांसी के फंदे और चिताओं पर, अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे लोग- सज्जन सिंह वर्मा
चिता आंदोलन के 36वें दिन बहनरीकला पहुंचे पूर्व मंत्री

पन्ना। केन-बेतवा लिंक, मझगांय, रुंज बांध और ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापित परिवारों के अधिकारों एवं उचित मुआवजे की मांग को लेकर चल रहे चिता आंदोलन के 36वें दिन शनिवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा बहनरीकला की टपरियन स्थित आंदोलन स्थल पहुंचे। इस दौरान युवक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, राजनगर के पूर्व विधायक विक्रम सिंह उर्फ नाती राजा सहित अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अपने हक और उचित मुआवजे के लिए आदिवासी महिलाओं को जीवित रहते चिताओं पर लेटना और गले में फांसी के फंदे डालकर विरोध करना पड़ रहा है, जबकि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि मौन हैं।
उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और अपने घरों के अधिकारों के लिए आदिवासियों का इस तरह संघर्ष करना दुर्भाग्यपूर्ण है। वर्मा ने आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार की गिरफ्तारी और किसानों एवं आदिवासियों पर दर्ज मामलों को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने इन प्रकरणों को झूठा बताते हुए दिव्या को न्याय दिलाने तथा आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले समाप्त करने की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के 21 दिनों से जारी आमरण अनशन और उनके स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए वर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा कि उज्जैन का प्रभारी मंत्री रहते हुए उन्होंने मोहन यादव के कार्यों को प्राथमिकता दी थी। उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री उनकी अपील पर ध्यान देकर प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।




