आज से अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव का आजाग, देश-विदेश से पहुंचेंगे लाखों श्रद्धालु
350 वर्षों से चली आ रही परंपरा का होगा निर्वहन

मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासनिक सहयोग पर उठाए सवाल, श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर क्षेत्र में मेले की रौनक लौटाने की मांग
पन्ना। विश्व प्रसिद्ध श्री 5 पद्मावती पुरी धाम स्थित श्री 108 प्राणनाथ जी मंदिर में 20 से 30 अक्टूबर तक अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। लगभग 350 वर्षों से चली आ रही इस ऐतिहासिक परंपरा के अंतर्गत इस वर्ष भी ‘सुख शीतल करूं संसारा’ के संकल्प के साथ विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। महोत्सव में भारत के करीब 15 राज्यों सहित अमेरिका, कनाडा, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर ट्रस्ट ने इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद जताई है।
सोमवार को श्री प्राणनाथ जी मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में महोत्सव की तैयारियों और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि पन्ना की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण महापर्व है, जिसमें देश-विदेश के सुंदरसाथ श्रद्धालु सहभागिता करते हैं। महोत्सव की शुरुआत 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर खेजड़ा मंदिर में पारंपरिक पान-बीड़ा एवं तलवार भेंट कार्यक्रम के साथ होगी। यह आयोजन उस ऐतिहासिक परंपरा की स्मृति में किया जाता है, जिसके अनुसार महामति प्राणनाथ जी ने बुंदेल केसरी महाराजा छत्रसाल को तलवार भेंट की थी। इसके बाद 23 अक्टूबर को शाम चार बजे से श्रीजी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रात दो बजे तक चलेगी। शोभायात्रा महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगी। 24 अक्टूबर की रात सद्गुरु धनी श्री देवचंद्र जी का प्रगटन महोत्सव मनाया जाएगा। वहीं 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा का मुख्य आयोजन रास मंडल में होगा। इसके पश्चात 26 से 30 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात्रि में रास-गरबा एवं महारास के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पन्ना पहुंचते हैं। बाहर से आने वाले सुंदरसाथ की सुविधा के लिए ट्रस्ट द्वारा निशुल्क आवास, भोजन और चिकित्सा व्यवस्था की जाएगी।आयोजन के व्यापक स्वरूप को देखते हुए ट्रस्ट ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से भी आवश्यक व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रशासनिक सहयोग को लेकर ट्रस्ट उपाध्यक्ष ने जताई नाराजगी
पत्रकार वार्ता के दौरान मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डीके दुबे ने महोत्सव की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए प्रशासन का जिस स्तर का सहयोग मिलना चाहिए, वह फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। दुबे के अनुसार, पहले जिला प्रशासन शरद पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियों को लेकर अलग से बैठक आयोजित करता था, जिसमें विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां और व्यवस्थाएं तय होती थीं। अब आयोजन से जुड़े विषयों पर औपचारिक रूप से शांति समिति की बैठक में ही चर्चा कर ली जाती है। उन्होंने कहा कि महोत्सव में लाखों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, लेकिन मंदिर परिसर के बाहर और आसपास की गलियों में पहले जैसी चहल-पहल दिखाई नहीं देती। पूर्व में इन गलियों में मेला लगता था और छोटे व्यापारियों की दुकानें सजने से पूरे क्षेत्र में उत्सवी वातावरण रहता था।
महेंद्र भवन चौराहे से मंदिर तक छोटी दुकानें लगाने की मांग
ट्रस्ट उपाध्यक्ष ने बताया कि शांति समिति की बैठक में महेंद्र भवन चौराहे से मंदिर तक छोटे दुकानदारों को दुकानें लगाने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा गया था। उनके अनुसार, इस पर सहमति भी बनी थी, लेकिन अब तक धरातल पर कोई पहल दिखाई नहीं दे रही है। ट्रस्ट का कहना है कि इस व्यवस्था से जहां महोत्सव की पारंपरिक रौनक लौटेगी, वहीं स्थानीय छोटे व्यापारियों को भी रोजगार का अवसर मिलेगा। श्रद्धालुओं को आवश्यक सामग्री खरीदने में सुविधा होगी। इसके अलावा ट्रस्ट ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के आवास, कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और भीड़ नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं में प्रशासन की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की बात कही। ट्रस्ट पदाधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन में इन व्यवस्थाओं का सुव्यवस्थित होना बेहद आवश्यक है। मंदिर ट्रस्ट ने जिला प्रशासन एवं नगर पालिका से अपील की है कि महोत्सव की भव्यता और अंतरराष्ट्रीय महत्व को देखते हुए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। प्रशासन की ओर से ट्रस्ट द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना शेष है।




