चिता आंदोलन के 44वें दिन फिर धरना स्थल पहुंचे अमित भटनागर
बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष

पन्ना। केन-बेतवा, मझगाय, रूंझ एवं ललितपुर-सिंगरौली रेलमार्ग परियोजनाओं से प्रभावित किसानों, आदिवासियों और विस्थापित परिवारों के अधिकारों को लेकर जय किसान संगठन के बैनर तले चल रहा चिता आंदोलन रविवार को 44वें दिन भी जारी रहा। लगातार 28 दिनों का आमरण अनशन स्थगित करने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर सीधे आंदोलन स्थल पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनशन भले ही स्थगित कर दिया गया हो, लेकिन प्रभावित परिवारों की मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। शनिवार को पन्ना में आयोजित संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ रैली और कलेक्ट्रेट घेराव में बड़ी संख्या में किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया था। संगठन के अनुसार, पन्ना और छतरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। लगातार अनशन के कारण स्वास्थ्य प्रभावित होने पर अमित भटनागर को आराम करने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद अनशन स्थगित करने के बाद वे आंदोलन स्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने जनता से मिले समर्थन, स्नेह और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया। जय किसान संगठन के अनुसार, मझगाय और रूंझ परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, उचित मुआवजे, ग्रामसभा के अधिकारों तथा कानूनी प्रक्रियाओं के पालन से जुड़ी मांगों का अब तक संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है। संगठन ने मांग की है कि विस्थापन, मकानों के ध्वस्तीकरण और डूब प्रभावित गांवों से संबंधित कार्रवाई में कानून का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा सभी पात्र परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास का लाभ मिले। अमित भटनागर ने कहा कि 28 दिन का आमरण अनशन स्थगित करना संघर्ष से पीछे हटना नहीं है। प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में शामिल मांगों पर समयबद्ध और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को न्याय मिलने तक चिता आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।



