किताबों से निकलकर प्रकृति की पाठशाला पहुंचे विद्यार्थी
दूरबीन से देखी पक्षियों की दुनिया

रैपुरा वन परिक्षेत्र में चार विद्यालयों के 30 विद्यार्थियों ने सीखी पक्षियों की पहचान, वन अधिकारी बनने के लिए भी हुए प्रेरित
पन्ना। वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत दक्षिण पन्ना वनमंडल के रैपुरा वन परिक्षेत्र में रविवार को पक्षी अवलोकन एवं वन्यजीव जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें चार विद्यालयों के 30 विद्यार्थियों और पांच शिक्षकों ने भाग लेकर प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम की शुरुआत दूरबीन के उपयोग और पक्षियों की पहचान के प्रशिक्षण से हुई। इसके बाद भारतीय वन सेवा के अधिकारी एवं प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी कृष्णा प्रसाद बी., प्रकृतिविद् अजय चौरसिया तथा वनरक्षक वीरेंद्र पटेल, सतीश द्विवेदी और रजनीश चौरसिया के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने निकटवर्ती तालाब पर पक्षी अवलोकन किया। बच्चों ने दूरबीन से टिटहरी, पतरिंगा, चित्रित सारस, अबाबील, चितकबरी फाख्ता, कोतवाल और नीलकंठ सहित विभिन्न पक्षियों को देखा।
जागरूकता सत्र में विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश की वन्यजीव विविधता, पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की पुनर्स्थापना और देश की चीता पुनर्स्थापन परियोजना की जानकारी दी गई। साथ ही पारिस्थितिक संतुलन, जलस्रोतों और खाद्य शृंखला के संरक्षण में वन्यजीवों की भूमिका समझाई गई। वन्यजीव आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में श्री रामकृष्ण पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, रैपुरा की टीम विजेता रही।
वन अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर जाना जिम्मेदारियों का महत्व
करियर मार्गदर्शन सत्र में बच्चों को भारतीय वन सेवा, राज्य वन सेवा, वन्यजीव अनुसंधान और पशु चिकित्सा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बताए गए। प्रत्येक विद्यार्थी को वन परिक्षेत्र अधिकारी की कुर्सी पर बैठने का अवसर भी मिला। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर किए। समापन पर सभी प्रतिभागियों को स्मृति स्वरूप पौधे भेंट कर उनकी नियमित देखभाल के लिए प्रेरित किया गया।




