महिला शिक्षकों का विवाद, जांच टीम के सामने फिर हंगामा, बुलानी पड़ी पुलिस
मारपीट और अभद्रता के आरोपों के बाद थाने व जिला शिक्षा अधिकारी तक पहुंचा मामला

पन्ना/बृजपुर। शासकीय कन्या माध्यमिक शाला बृजपुर में शिक्षकों के बीच चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक अक्टूबर को नोटिस देने के दौरान शुरू हुआ विवाद अभद्रता और कथित मारपीट के आरोपों के बाद पुलिस थाने और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक पहुंच गया है। गुरुवार को मामले की जांच करने पहुंची पांच सदस्यीय टीम के सामने भी हंगामा होने पर स्कूल में पुलिस बुलानी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, एक अक्टूबर को नोटिस देने की प्रक्रिया के दौरान शिक्षिका रजनी सोनी पिता शिवप्रसाद सोनी का शिक्षक अशोक कुमार ओमरे पिता नत्थूलाल ओमरे और शिक्षिका दीपा चतुर्वेदी से विवाद हुआ था। आरोप है कि भृत्य अरविंद कुमार गोंड की मौजूदगी में अभद्रता और हाथापाई की गई। घटना के बाद अशोक कुमार ओमरे और दीपा चतुर्वेदी भय के कारण अपनी मूल शाला में जाने से कतरा रहे हैं। बताया गया है कि दोनों हाजिरी लगाने के बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं।
दोनों पक्षों ने लगाए एक-दूसरे पर आरोप
मामले में शासकीय सरदार पटेल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य देशराज प्रजापति और कन्या माध्यमिक शाला की प्रधानाध्यापिका रजनी जड़िया ने जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत दी है। पुलिस थाने में भी आवेदन दिया गया है।
वहीं, शिक्षिका रजनी सोनी ने आरोप लगाया है कि विद्यालय का स्टाफ उन्हें जानबूझकर निशाना बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। दूसरी ओर, विद्यालयीन सूत्रों ने उनके व्यवहार से शिक्षकों और विद्यार्थियों में भय का माहौल होने का दावा किया है। हालांकि, इन परस्पर आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जांच दल के पहुंचते ही फिर हुआ विवाद
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित समिति में विकासखंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार मिश्र, बड़ागांव हाईस्कूल की प्राचार्य जान्हवी खरे, योजना अधिकारी दर्शना साल्वे, पड़रियाकला हाईस्कूल की प्राचार्य भारती श्रीवास्तव और जिला व्यायाम नोडल अधिकारी पुष्पराज सिंह परमार शामिल हैं।
गुरुवार को टीम के विद्यालय पहुंचने पर फिर विवाद की स्थिति बन गई, जिसके चलते पुलिस बुलानी पड़ी। जांच अधिकारी पुष्पराज सिंह परमार ने बताया कि प्राचार्य के प्रतिवेदन के आधार पर एक अक्टूबर की घटना की जांच की जा रही है। सभी संबंधित पक्षों, प्रत्यक्षदर्शियों और विद्यार्थियों के बयान दर्ज कर विस्तृत रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाएगी।
रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, विद्यालय में जारी आपसी विवाद के बीच बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होने को लेकर चिंता बढ़ गई है।




