सनातन हिंदू रथयात्रा में नेशनल चोर गिरोह का पर्दाफाश
5 महिलाओं सहित 10 गिरफ्तार, सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और तीन लग्जरी कारों जप्त

सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं गिरोह के तार
पन्ना। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू रथयात्रा के दौरान अमानगंज में हुई चोरी और चेन स्नैचिंग की घटनाओं का खुलासा करते हुए पन्ना पुलिस ने अंतरराज्यीय बावरिया गिरोह से जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें पांच महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल तीन कारों सहित करीब 42 लाख रुपये का मशरूका जब्त करने की जानकारी दी है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर को पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की रथयात्रा दोपहर करीब 3रू15 बजे अमानगंज पहुंची थी। स्टेडियम मैदान में कार्यक्रम के बाद करीब 3ः30 बजे यात्रा पवई की ओर रवाना हुई। इस दौरान हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए मौजूद थे। एक फरियादी ने पुलिस को बताया कि विधायक बंगले से आगे उसके ढाबे के सामने रथयात्रा पहुंचने पर वह भी दर्शन के लिए खड़ा था। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति भीड़ का फायदा उठाकर उसकी जेब से रुपये निकालकर भाग गया। बाद में जानकारी मिली कि अमित सोनी, जयप्रकाश चतुर्वेदी और संतोष सोनी की सोने की चेन तथा एक अन्य महिला का मंगलसूत्र भी चोरी हो गया था। अन्य श्रद्धालुओं की जेब से नकदी चोरी होने की शिकायतें भी सामने आई थीं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चैहान एवं एसडीओपी गुनौर नवीद दुबे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक हेमंत नायक के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। इसमें पन्ना साइबर सेल को भी शामिल किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी जानकारी के आधार पर संदिग्धों की आवाजाही का रूट मैप तैयार किया गया। मुखबिर तंत्र सक्रिय कर प्रदेश और प्रदेश के बाहर टीमें भेजी गईं, जिसके बाद पुलिस को 10 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुनीता बावरिया पति महेश बावरिया उम्र 30 वर्ष निवासी खिवाला, पोस्ट कठपुतली, थाना पाटन जिला सीकर राजस्थान, पुष्पा तोमर पति मोनू बरगी उम्र 34 वर्ष निवासी गोविंदगढ़ थाना गोविंदगढ़ जिला अलवर राजस्थान, सुनील बबली पिता भोला बबली उम्र 25 वर्ष निवासी कच्ची बस्ती गोकुलनगर कोतवाली भरतपुर राजस्थान, नीरज श्रीवास्तव पिता सुमन कुमार श्रीवास्तव उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम आशावाद थाना रसूलपुर जिला फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश, आरती खटीक पति हरिराम खटीक उम्र 30 वर्ष निवासी हरसोरा थाना हरसोरा जिला बहरोड़-कोटपुतली राजस्थान, जोनी बावरिया पिता ताराचंद्र बावरिया उम्र 35 वर्ष निवासी झाझरो टोडा थाना लुहारू जिला भिवानी हरियाणा, पपीता बाई राजपूत पिता छाजूराम राजपूत उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम गुन्ता थाना बानसूर जिला कोटपुतली राजस्थान, मोनू सिंह पिता महेंद्र सिंह उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम जीवननगर पार्ट-2 थाना मुनेसर जिला फरीदाबाद हरियाणा, लीलाराम यादव पिता स्वर्गीय रामजीलाल यादव उम्र 40 वर्ष निवासी यादव कॉलोनी वार्ड क्रमांक पांच कोटपुतली राजस्थान तथा उर्मिला बावरिया पति कृपाल बावरिया उम्र 45 वर्ष निवासी संजय कॉलोनी वार्ड क्रमांक तीन सेक्टर 23 थाना मुनेसर जिला फरीदाबाद हरियाणा शामिल हैं।
सोशल मीडिया से जुटाते थे बड़े आयोजनों की जानकारी
पुलिस जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से धार्मिक यात्राओं, मेलों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद समूह बनाकर आयोजन स्थल पहुंचते और भीड़ में घुल-मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक हेमंत नायक, उप निरीक्षक रजनी समाधिया, ईश्वर सिंह, सहायक उप निरीक्षक राघवेंद्र प्रधान, प्रीतम सिंह, नाज बेगम, प्रधान आरक्षक अनिल गर्ग, शिवम शर्मा, बालमुकुंद पटेल, रामलखन सिंह राजपूत, देवनारायण शुक्ला, राजीव वेडिया, गजेंद्र उर्मलिया, लक्ष्मण यादव, महिला प्रधान आरक्षक गीता अहिरवार, तेजबती बुंदेला, आरक्षक मेहरबान सिंह, अखिलेश पाल, भूपेंद्र चैरसिया, अंगराज पटेल, अरुण तिवारी, अजय दीक्षित, गोलू वास्केल, महिला आरक्षक गीता पटेल, श्वेता धुर्वे, रामप्यारी अहिरवार, अनुराधा सेन तथा पन्ना साइबर सेल टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




