ककरहटी में आकर्षण का केंद्र बनी चैतन्य देवियों की झांकी
ब्रह्माकुमारी बहन ने बताया नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व

पन्ना। नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पन्ना की ओर से ककरहटी में चैतन्य देवियों की भव्य झांकी सजाई गई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। इस दौरान ब्रह्माकुमारी बहन ने उपस्थित जनसमूह को देवियों के आध्यात्मिक स्वरूप और नवरात्रि के वास्तविक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा का अर्थ दुर्गुणों को दूर करने वाली शक्ति है। देवी आराधना के साथ हमें अपने भीतर की बुराइयों, विकारों और आसुरी प्रवृत्तियों का त्याग करने का संकल्प लेना चाहिए। मां लक्ष्मी महान लक्ष्य का प्रतीक हैं। मनुष्य को संसार रूपी कीचड़ में रहते हुए कमल के समान पवित्र जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। मां सरस्वती के हंस और वीणा का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए उन्होंने कहा कि सादगी, पवित्रता, ज्ञान और विवेक ही जीवन को श्रेष्ठ बनाते हैं। नवरात्रि का वास्तविक उद्देश्य आत्मिक शक्तियों को जागृत कर अज्ञानता के अंधकार को दूर करना है। उन्होंने कहा कि समाज एक ओर देवियों की पूजा करता है, वहीं दूसरी ओर नारी का अपमान भी देखने को मिलता है। सच्ची नवरात्रि तभी सार्थक होगी, जब केवल नौ दिन नहीं, बल्कि सदैव नारी शक्ति का सम्मान किया जाए। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने चैतन्य देवियों के दर्शन के साथ आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ लिया और आयोजन की सराहना की।



