आधे-अधूरे भुगतान से आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं में नाराजगी, नौवें दिन भी हड़ताल जारी

पन्ना। लंबित प्रोत्साहन राशि और विभिन्न बकाया भुगतानों को लेकर शाहनगर में आशा-ऊषा श्रमिक संघ की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल नौवें दिन भी जारी रही। छह अक्टूबर से आंदोलन कर रहीं कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विरोध के बाद कुछ कर्मचारियों के खातों में राशि जमा की गई है, लेकिन भुगतान अभी भी आधा-अधूरा है। ऐसे में संगठन ने सभी बकाया राशियों का पूर्ण निराकरण होने तक हड़ताल समाप्त नहीं करने का निर्णय लिया है। आशा-ऊषा श्रमिक संघ की ब्लॉक अध्यक्ष आराधना दुबे ने बताया कि कार्यकर्ता लंबे समय से अपने लंबित भुगतान की मांग उठा रही हैं। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसके चलते छह अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू करनी पड़ी। आराधना दुबे के अनुसार, आंदोलन के बाद कुछ कार्यकर्ताओं के बैंक खातों में आंशिक भुगतान किया गया है, जबकि कई मदों की राशि अब भी लंबित है। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन या आंशिक भुगतान से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। सभी पात्र कार्यकर्ताओं को उनका पूरा बकाया मिलने के बाद ही हड़ताल वापस लेने पर विचार किया जाएगा। संगठन की प्रमुख मांगों में लंबित प्रोत्साहन राशि, जननी सुरक्षा योजना से संबंधित बकाया भुगतान, जीवन ज्योति बीमा से जुड़े मामलों का निराकरण तथा आशा पर्यवेक्षकों की लंबित राशि का भुगतान शामिल है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि भुगतान में देरी से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने विभाग से लंबित भुगतानों की स्थिति स्पष्ट करने और सभी पात्र कार्यकर्ताओं की राशि शीघ्र जारी




