केन.बेतवा प्रभावितों के बीच पहुंचे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघारए अमित भटनागर का अनशन समाप्त कराया
केन.बेतवा प्रभावितों की ष्संविधान बचाओए लोकतंत्र बचाओष् रैली में उमड़ा जनसैलाब

42 दिनों से जारी चिता आंदोलन में पहुंचे नेता प्रतिपक्षए विधायक विक्रांत भूरिया सहित हजारों लोग हुए शामिल
आदिवासी.किसानों के अधिकारों की लड़ाई सडक़ से सदन तक लडऩे का ऐलान
पन्ना। केन.बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासीए किसानों एवं ग्रामीणों के अधिकारों को लेकर शनिवार को पन्ना में आयोजित ष्संविधान बचाओए लोकतंत्र बचाओष् रैली में जनसैलाब उमड़ पड़ा। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघारए विधायक विक्रांत भूरियाए आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच के राम नारायण कुररियाए विजय कुमारए दीपमाला पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधिए किसान नेताए सामाजिक कार्यकर्ता एवं हजारों लोग रैली में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संविधानए लोकतंत्र और आदिवासी अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।

रैली के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आग्रह एवं आदिवासी महिलाओं की अपील पर पिछले 28 दिनों से आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता एवं चिता आंदोलन के नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर ने नारियल पानी पीकर अपना अनशन समाप्त किया। श्री सिंघार ने उन्हें अपने हाथों से नारियल पानी पिलाया। अनशन समाप्ति का यह घटनाक्रम रैली का प्रमुख केंद्र रहा। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष प्रभावितों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष प्रभावित परिवारों की समस्याओं एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई। आंदोलनकारियों ने परियोजना के कारण होने वाले विस्थापनए उचित पुनर्वासए मुआवजे में कथित अनियमितताओं और वन अधिकार कानून के उल्लंघन जैसे मुद्दे उठाए। केन.बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों एवं ग्रामीणों द्वारा अमित भटनागर के नेतृत्व में पिछले 42 दिनों से चिता आंदोलन किया जा रहा है।
आदिवासी.किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं. सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासीए दलित और किसानों को अनाथ समझने वाली सरकार यह याद रखे कि कांग्रेस अभी जिंदा है। प्रभावित परिवारों के अधिकारों और न्याय के लिए कांग्रेस सडक़ से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। विस्थापितों को उनके अधिकारों से वंचित करना कतई स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस प्रभावित परिवारों की आवाज बुलंद करती रहेगी और उन्हें उचित मुआवजा एवं सम्मानजनक पुनर्वास दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल नहीं होने पर उठाए सवाल
श्री सिंघार ने कहा कि वे 14 जुलाई को भी आंदोलनकारियों से मिले थे और उनकी समस्याओं को विधानसभा में उठाया था। उस दौरान मुख्यमंत्री डॉण् मोहन यादव ने प्रभावित परिवारों का दोबारा सर्वे कराने और मुआवजे की स्थिति की जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुईघ् दोबारा सर्वे की रिपोर्ट कहां हैघ् कितने छूटे हुए परिवारों को मुआवजा दिया गया और कितने परिवार आज भी भुगतान का इंतजार कर रहे हैंघ् उन्होंने कहा कि सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना चाहिए।
जेल में बंद दिव्या अहिरवार से मिले सिंघारए रिहाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पन्ना जिला जेल भी पहुंचेए जहां उन्होंने पिछले 28 दिनों से बंद आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार से मुलाकात की। उन्होंने सत्याग्रहियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को फर्जी बताते हुए उन्हें वापस लेने और दिव्या अहिरवार को तत्काल रिहा करने की मांग की। श्री सिंघार ने कहा कि अपने अधिकारों और न्याय की मांग करने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रभावितों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। वहींए अमित भटनागर ने पन्ना जिले में कानून.व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से कई ऐसी गतिविधियां हो रही हैंए जो कानून और संविधान की भावना के विपरीत हैं।



