अष्टमी पर मां सरस्वती का बदला गया श्रृंगार, विशेष पूजा-अर्चना और हवन के साथ चढ़ाया नया ध्वज
अजयगढ़ के प्रसिद्ध सरस्वती माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने की आराधना

अष्टधातु की आकर्षक प्रतिमा के दर्शन करने पहुंचते हैं सैकड़ों भक्त
अजयगढ़। शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पर अजयगढ़ स्थित प्रसिद्ध मां सरस्वती मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं हवन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मां सरस्वती की पोशाक बदली गई और मंदिर में नया ध्वज चढ़ाया गया। धार्मिक अनुष्ठान में मंदिर समिति के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं नगरवासियों ने सहभागिता कर मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रातःकाल मंदिर के गर्भगृह की साफ-सफाई के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके पश्चात मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं तहसीलदार सुरेंद्र कुमार, नगर परिषद अध्यक्ष सीता गुप्ता, मुसद्दी छेदीलाल रजक सहित समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मां सरस्वती की पोशाक बदलकर विशेष श्रृंगार किया गया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना, ध्वज परिवर्तन एवं हवन संपन्न कराया गया। अजयगढ़ का सरस्वती माता मंदिर अपनी आकर्षक अष्टधातु की प्रतिमा और कलात्मक निर्माण के लिए विशेष पहचान रखता है। मंदिर के ऊंचे गुंबद और भव्य स्वरूप बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों एवं राहगीरों को भी आकर्षित करते हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंचते हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष तहसीलदार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रतिवर्ष शारदीय एवं चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर मां सरस्वती की विशेष पूजा-अर्चना की परंपरा निभाई जाती है। वे स्वयं कई वर्षों से समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों के साथ इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मां सरस्वती के प्रति श्रद्धा और आस्था के साथ इस वर्ष भी अष्टमी का पर्व विधि-विधान से मनाया गया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती से सुख-समृद्धि, ज्ञान और मंगलमय जीवन की कामना की।




