वन विभाग और ग्रामीणों के बीच खूनी संघर्ष का मामला गरमाया
26 लोगों ने थाने में दिए अलग-अलग आवेदन
चार महिलाओं सहित ग्रामीणों ने वनकर्मियों पर लगाए मारपीट के आरोप, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
अजयगढ़। अजयगढ़ वन परिक्षेत्र के ग्राम पेराहा में वन विभाग और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प का मामला अब थाने पहुंच गया है। रविवार को वन भूमि पर पौधरोपण के दौरान हुए विवाद में वनकर्मियों और ग्रामीणों सहित कई लोग घायल हुए थे। घटना के अगले दिन सोमवार को आधा सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों ने विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अजयगढ़ थाने पहुंचकर वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ आवेदन सौंपे और निष्पक्ष जांच की मांग की। जानकारी के अनुसार, ग्राम पेराहा स्थित वन कक्ष क्रमांक पी-213 की लगभग 30 हेक्टेयर भूमि पर वन विभाग लंबे समय से पौधरोपण करने का प्रयास कर रहा है। वहीं गांव के कुछ परिवार वर्षों से उक्त भूमि पर कृषि कार्य करते आ रहे हैं। रविवार सुबह वन विभाग का अमला भारी बल के साथ मौके पर पहुंचा और पौधरोपण शुरू कराया। इसी दौरान ग्रामीणों के विरोध के बाद विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना में वन विभाग के कर्मचारी और ग्रामीण घायल हुए थे। वन विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस ने प्रकरण भी दर्ज किया था। सोमवार दोपहर ग्राम पेराहा के आधा सैकड़ा से अधिक लोग अजयगढ़ थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी हरि सिंह ठाकुर को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान चार महिलाओं सहित कुल 26 ग्रामीणों ने अलग-अलग आवेदन देकर अपनी चोटों और घटना के संबंध में जानकारी दी। थाना प्रभारी ने आवेदन प्राप्त करने के बाद ग्रामीणों से चर्चा की और उन्हें जांच का आश्वासन देते हुए समझाइश दी।
इनका कहना है—
“ग्राम पेराहा के ग्रामीणों द्वारा वन विभाग के खिलाफ 26 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
हरि सिंह ठाकुर, नगर निरीक्षक, अजयगढ़।




