वन्यजीव संरक्षण सप्ताह में विद्यार्थियों ने दिया वन संरक्षण का संदेश
वन्यजीव संरक्षण सप्ताह पर दक्षिण पन्ना वनमंडल में विविध आयोजन

चित्रकला, निबंध, क्विज, जंगल भ्रमण और पौधारोपण से बढ़ाया जागरूकता का दायरा
पन्ना। वन्यजीव संरक्षण सप्ताह, 01 से 07 अक्टूबर 2026 के अवसर पर दक्षिण वनमंडल के विभिन्न वन परिक्षेत्रों में विद्यार्थियों, शिक्षकों, वन समितियों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता से जागरूकता एवं प्रकृति संरक्षण से जुड़ी विविध गतिविधियां आयोजित की गईं। कल्दा, सलेहा, मोहन्द्रा एवं शाहनगर वन परिक्षेत्रों में चित्रकला, निबंध, गीत, कविता, क्विज, कहानी, जंगल भ्रमण, पौधारोपण और संवाद जैसे माध्यमों से वन्यजीवों, जैव विविधता एवं उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
कल्दा वन परिक्षेत्र के शासकीय हाईस्कूल सारंगपुर में विद्यार्थियों ने रंगों, शब्दों और सुरों के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता के साथ गीत और कहानी प्रस्तुतियां आयोजित की गईं तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। वन परिक्षेत्राधिकारी अजीत सिंह जाट ने विद्यार्थियों को वन एवं वन्यजीवों के पारिस्थितिक महत्व और युवा पीढ़ी की भूमिका से अवगत कराया। कार्यक्रम में परिक्षेत्र सहायक पुष्पेन्द्र सिंह, वनपाल वीरभद्र सिंह, धर्मराज सिंह, वनरक्षक अमित द्विवेदी, वीरेन्द्र पटेल तथा विद्यालय की ओर से प्राचार्य रामदास प्रजापति, शिक्षक शोभे सिंह, राजीव सुहाने, संगीता चौधरी, जीतेन्द्र कुमार सेठिया, नरेन्द्र कुमार गौतम, विज्ञानी पटेल, कृष्णप्रताप सिंह, रामू प्रजापति और विक्रम सिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सलेहा वन परिक्षेत्र में पटना-तमोली हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए जंगल भ्रमण, पौधारोपण एवं वन्यजीव जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जंगल भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वन पारिस्थितिकी तंत्र, स्थानीय वनस्पतियों, जैव विविधता तथा वन्यप्राणियों के प्राकृतिक आवासों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी दी गई। विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पौधों के संरक्षण और संवर्धन का संदेश भी दिया गया। पर्यावरणविद् अजय चौरसिया ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। इसी क्रम में बांधौरा समिति के सदस्यों एवं स्थानीय सहभागियों के सहयोग से पौधारोपण एवं संरक्षण-संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रतिभागियों ने वन क्षेत्रों को आग, अवैध कटाई, अवैध शिकार एवं अन्य अवैध गतिविधियों से सुरक्षित रखने तथा वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का सामूहिक संकल्प लिया।
मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहन्द्रा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। गीत, कविता, क्विज, नारे और स्लोगन जैसी रोचक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को वन, पर्यावरण एवं वन्यजीवों के महत्व से परिचित कराया गया तथा उनके संरक्षण की शपथ दिलाई गई। वनपाल जगदीश प्रसाद अहिरवार एवं वनरक्षक राजू अहिरवार ने विद्यार्थियों के साथ वन एवं वन्यजीवों से संबंधित अपने अनुभव साझा करते हुए कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और संवादात्मक बनाया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं वनकर्मियों ने सहभागिता की।
शाहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत सांदीपनि विद्यालय शाहनगर में चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 60 विद्यार्थियों ने भाग लिया। चित्रकला प्रतियोगिता में नंदिनी सिंह, दिव्यांशी राज अहिरवार और रितिका सिंह ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में स्वतंत्रता यादव, प्राची राय और मोनिका सिंह क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय रहीं। विजेताओं को शील्ड, प्रमाण-पत्र एवं स्कूल बैग प्रदान किए गए। विद्यार्थियों में प्रकृति और जैव विविधता के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा प्रकाशित ‘औषधीय पौधे’ एवं ‘तितलियाँ’ पुस्तकों का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य भरत लाल पांडेय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी डॉ. रागिनी तिवारी, एनसीसी प्रमुख अखिलेश मिश्रा, डिप्टी रेंजर रामप्रसाद सिंह पटेल एवं श्रीनिवास पांडेय, वनपाल आशीष कुमार पांडेय, वनरक्षक राहुल जैन, राघवेन्द्र पांडेय, दुर्गा सिंह एवं रचना जादौन उपस्थित रहे।
वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों का प्रमुख उद्देश्य वन एवं वन्यजीव संरक्षण को केवल विभागीय प्रयास तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय को इससे सक्रिय रूप से जोड़ना रहा। रचनात्मक प्रतियोगिताओं से लेकर जंगल भ्रमण, पौधारोपण और सामुदायिक संकल्प तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, जैव विविधता की समझ और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा विशेष रूप से युवा पीढ़ी एवं स्थानीय समुदाय की सहभागिता को दीर्घकालीन वन एवं वन्यजीव संरक्षण की महत्वपूर्ण आधारशिला के रूप में प्रोत्साहित किया जा रहा है।



