UP News: पीएम सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश बना देश में नंबर-1, 8.76 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए

UP News: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में अब तक 8,76,500 से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश संचयी रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में गुजरात को पीछे छोड़कर देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। राज्य सरकार के अनुसार, यह उपलब्धि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों का परिणाम है।
उत्तर प्रदेश में पिछले कई महीनों से रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की रफ्तार लगातार बढ़ी है। जिला स्तर पर योजना की समीक्षा, बिजली वितरण कंपनियों की ओर से निरीक्षण और मीटरिंग की निगरानी के साथ बैंकिंग और वेंडर से जुड़े मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
8.76 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर प्लांट
प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 8.76 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। योजना के क्रियान्वयन में यूपीनेडा की ओर से 8,000 से अधिक वेंडर्स को इम्पैनल किया गया है। इससे सोलर सिस्टम की बिक्री, डिजाइन, इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिकल कार्य और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
राज्य के 15 जिले देश के टॉप-100 जिलों में शामिल बताए गए हैं। इनमें लखनऊ ने देश में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि वाराणसी दसवें स्थान पर है। जिला स्तर पर लगातार निगरानी और लंबित मामलों के समाधान से योजना की गति को बढ़ाने में मदद मिली है।
हर दिन 1.32 करोड़ यूनिट से ज्यादा स्वच्छ बिजली
उत्तर प्रदेश में लगाए गए रूफटॉप सोलर प्लांट की कुल क्षमता 2,942 मेगावाट से अधिक हो गई है। 4.5 यूनिट प्रति किलोवाट प्रतिदिन के मानक के आधार पर यह क्षमता रोजाना 1.32 करोड़ यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली पैदा करने में सक्षम है।
₹6.50 प्रति यूनिट के अनुमानित मूल्य के आधार पर यह बिजली प्रतिदिन ₹8.5 करोड़ से अधिक और सालाना ₹3,100 करोड़ से अधिक मूल्य की बिजली के बराबर बताई जा रही है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में कमी आने के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
11,700 एकड़ से ज्यादा जमीन की बचत
रूफटॉप सोलर की खासियत यह है कि इसके लिए अलग से बड़े भू-भाग की जरूरत नहीं होती। घरों और अन्य भवनों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जाने के कारण जमीन की बचत होती है।
उपलब्ध क्षमता और 4 एकड़ प्रति मेगावाट के मानक के आधार पर उत्तर प्रदेश में मौजूदा रूफटॉप सोलर क्षमता से 11,700 एकड़ से अधिक भूमि के उपयोग की बचत होने का अनुमान है। इस तरह उन जमीनों का इस्तेमाल दूसरी आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
34 लाख टन से ज्यादा CO₂ उत्सर्जन में कमी का अनुमान
रूफटॉप सोलर से बनने वाली स्वच्छ बिजली का पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ रहा है। उपलब्ध क्षमता के आधार पर प्रदेश में हर साल 34 लाख टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन में कमी का अनुमान लगाया गया है।
इसे पेड़ों के बराबर पर्यावरणीय प्रभाव के रूप में देखें तो यह एक साल में 15 करोड़ से अधिक पेड़ों द्वारा अवशोषित कार्बन के बराबर बताया गया है। हालांकि, यह वृक्ष-समतुल्यता एक अनुमानात्मक पर्यावरणीय तुलना है।
8 हजार से ज्यादा वेंडर्स, 1 लाख से अधिक रोजगार
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा से जुड़े रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं। यूपीनेडा की ओर से इम्पैनल किए गए 8,000 से अधिक वेंडर्स के माध्यम से सोलर सिस्टम की बिक्री, इंजीनियरिंग, इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और आफ्टर-सेल्स सर्विस जैसे क्षेत्रों में 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा लॉजिस्टिक्स, परिवहन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, सामग्री आपूर्ति, स्ट्रक्चर निर्माण, सर्वे, साइट असेसमेंट और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में भी अप्रत्यक्ष रोजगार बढ़ा है। इससे युवाओं के लिए ग्रीन स्किल और ग्रीन जॉब्स का नया क्षेत्र तैयार हो रहा है।
केंद्र और राज्य की सब्सिडी से मिली राहत
योजना के तहत उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की ओर से ₹5,722 करोड़ से अधिक और राज्य सरकार की ओर से ₹2,000 करोड़ से अधिक की सब्सिडी का वित्तीय प्रभाव बताया गया है।
केंद्र और राज्य की आर्थिक सहायता से आम परिवारों के लिए रूफटॉप सोलर लगाना आसान हुआ है। सोलर प्लांट अब सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का साधन नहीं रह गया है, बल्कि बिजली का खर्च कम करने और परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम भी बन रहा है।
सौर ऊर्जा से बदल रही यूपी की ऊर्जा व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर का बढ़ता विस्तार ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। 8.76 लाख से अधिक प्लांट, 2,942 मेगावाट से अधिक क्षमता, रोजाना 1.32 करोड़ से ज्यादा यूनिट स्वच्छ बिजली, 8,000 से अधिक वेंडर्स और एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार इस योजना के बड़े प्रभाव को दिखाते हैं।
सौर ऊर्जा को घरों, रोजगार, उद्योग, बिजली बचत और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर उत्तर प्रदेश ने रूफटॉप सोलर के क्षेत्र में देश में अपनी स्थिति मजबूत की है। योजना के आगे बढ़ने से आने वाले समय में प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल और ग्रीन रोजगार के अवसर और बढ़ने की उम्मीद है।




