UP News: यूपी में 24,779 मेगावाट बिजली की मांग पूरी, आंधी-बारिश के बाद युद्धस्तर पर काम

UP News: उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली की मांग के बीच बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार और यूपीपीसीएल की टीमें लगातार काम कर रही हैं। प्रदेश में 3 अक्टूबर को 24,779 मेगावाट की मांग के अनुरूप बिजली आपूर्ति की गई। इससे पहले 2 अक्टूबर को 23,939 मेगावाट और 1 अक्टूबर को 23,445 मेगावाट की मांग पूरी की गई थी। सरकार का कहना है कि बढ़ती मांग के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के साथ उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवाएं देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
आंधी-बारिश से प्रभावित इलाकों में तेजी से हुई बिजली बहाली
सितंबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इससे कई इलाकों में विद्युत लाइनों और सबस्टेशनों को नुकसान पहुंचा और बड़े स्तर पर ब्रेकडाउन हुए।
पूर्वांचल और मध्यांचल क्षेत्रों में इसका असर विशेष रूप से देखने को मिला। यहां 100 से अधिक 33 केवी सबस्टेशन और 500 से ज्यादा 11 केवी फीडर प्रभावित हुए। इसके बाद यूपीपीसीएल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार काम किया।
टीमों ने दिन-रात काम करके फाल्ट ठीक किए और जिन इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, वहां व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करने का प्रयास किया।
बढ़ती मांग के बीच बिजली आपूर्ति पर फोकस
प्रदेश में त्योहारी सीजन के दौरान बिजली की मांग बढ़ने के बीच आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 1 अक्टूबर को 23,445 मेगावाट, 2 अक्टूबर को 23,939 मेगावाट और 3 अक्टूबर को 24,779 मेगावाट की मांग पूरी की गई।
सरकार के अनुसार, मांग के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराने के मामले में उत्तर प्रदेश कई बड़े राज्यों से आगे रहा। इसका उद्देश्य बढ़ती जरूरत के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और दूसरे बिजली उपभोक्ताओं को पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध कराना है।
‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के तहत मेंटेनेंस तेज
बिजली व्यवस्था को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने के लिए प्रदेशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के तहत अनुरक्षण कार्य भी तेज किए गए हैं। इसके तहत बिजली लाइनों, फीडरों और संबंधित विद्युत ढांचे की जांच और जरूरी मरम्मत की जा रही है।
फील्ड में काम कर रही टीमें उन स्थानों पर भी विशेष ध्यान दे रही हैं, जहां बिजली लाइनों के आसपास पेड़ या उनकी डालियां आपूर्ति में बाधा बन सकती हैं। ऐसी डालियों की छंटाई के साथ आसपास की साफ-सफाई और अन्य जरूरी काम किए जा रहे हैं।
इसका उद्देश्य खराब मौसम के दौरान बिजली लाइनों में होने वाले फॉल्ट और आपूर्ति बाधित होने की घटनाओं को कम करना है।
बिजली चोरी पर कार्रवाई के साथ उपभोक्ता सेवा पर जोर
सरकार का फोकस केवल बिजली चोरी रोकने और राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने तक सीमित नहीं है। उपभोक्ताओं को बेहतर और संवेदनशील सेवा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सरकार की ओर से विभागीय कर्मचारियों को उपभोक्ताओं की समस्याओं को समझने और उन्हें व्यवस्था का सहयोगी बनाने के दृष्टिकोण से काम करने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य बिजली विभाग और उपभोक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय कायम करना है।
फाल्ट से बिजली बहाली तक होगी निगरानी
बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में शिकायत दर्ज करने से लेकर बिजली बहाल होने तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी पर भी जोर दिया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि किसी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर उसकी सूचना तत्काल कॉल सेंटर में दर्ज की जाए।
उपभोक्ताओं को बिजली कटने का कारण बताने और आपूर्ति बहाल होने के बाद इसकी जानकारी मैसेज के जरिए देने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे लोगों को यह पता चल सकेगा कि बिजली कब और क्यों बाधित हुई और कब तक बहाल होने की उम्मीद है।
सुरक्षित और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक तरफ बढ़ती मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर है, वहीं दूसरी तरफ पुराने और प्रभावित विद्युत ढांचे के रखरखाव पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य अनुरक्षण कार्य, त्वरित शिकायत निस्तारण और बेहतर निगरानी के जरिए प्रदेशवासियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है। आंधी-बारिश जैसे मौसम में बिजली व्यवस्था पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए फील्ड स्तर पर तैयारियों को भी मजबूत किया जा रहा है।




